सिंहासन – इसमें दोनों
घुटनों को झुकाकर जमीन पर टिका दीजिये | इसके बाद दोनों हाथो को जाँघों के समीप रखें
और जीभ को बाहर की ओर लम्बी निकाल लें |
लाभ – 1. इससे ह्रदय दृढ़
होता है |
2. वक्षस्थल में
विस्तीर्णता आती है |
3. उदर का मोटापन दूर होता
है |
4. वाणी में मधुरता और ओज तथा
मुख पर निखार आता है |
5. नेत्र-ज्योति और
पाचन-तीव्र होती है |

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